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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Inspirational Thriller

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Inspirational Thriller

प्रेम

प्रेम

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वो

दूर से

बहुत

दूर से

तिनका

ला

लाकर

पेड़ के

झुरमुट में

घोंसला

बनाई 

अंडा दी


और

दोनों 

नर मादा

मिलकर

उस

अंडे को

सेते रहे 


समय

के साथ

उस

अंडे से

चूजें 

निकले


अपने

पंखों के

छांव में 

रखकर

अपने

चूजों को

पाले

दाना

चुगकर 

लाते

और

खुद

भूखे

रहकर

अपने

बच्चें को

खिलाते


उड़ना

सिखाते

उड़ना

जब

जूजे

सीख

जाते तो

उन्मुक्त

गगन में

उड़ जाते


फिर

लौटकर 

नहीं आते

वर्षो बाद

वही चूजे

जब अपने

मां बाप से

मिलते है तो

अजनबी

जैसे


यही है

निस्वार्थ

कार्तव्यबोध

जिसे

कहते है

सच्चा प्रेम।


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