STORYMIRROR

Abhishek Singh

Abstract

4  

Abhishek Singh

Abstract

पछतावा !

पछतावा !

1 min
1.3K

पछतावा है मुझे,

बीते कल के बदले।

पछतावा है मुझे,

उस दर्द के बदले।


ग़म छोड़ दिया मैं,

हर ख़ुशी में साथ।

हर ग़म हर दुःख,

के बदले पाया,

तेरा साथ।


पछतावा है मुझे,

बीते कल के बदले।

पछतावा है मुझे,

उस दर्द के बदले।


जब चले थे तुम,

एक-एक क़दम,

कुछ घंटों के बदले।

पछतावा है मुझे,

बीते कल के बदले।


पछतावा है मुझे,

उस दर्द के बदले।

न ले सका दर्द,

न दे सका ख़ुशी।


बीते कल के बदले

पछतावा है मुझे,

उस दर्द के बदले।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract