Rajeev Bagra
Comedy Others
Google जैसी आँख,
Twitter जैसी बात!
धंधा बदला जाये,
कहाँ से आये तुम?
न्यू ऐज बिज़नस
बॉलीवुड की रा...
टाई विथ सर
सफर
दीवार
ये तुम्हारी या मेरी नहीं अपनी, है ये कहानी घर-घर की। ये तुम्हारी या मेरी नहीं अपनी, है ये कहानी घर-घर की।
रचनात्मक आन्दोलन चलानेवाले कविगण चिल्लाये/ चीखे रचनात्मक आन्दोलन चलानेवाले कविगण चिल्लाय...
मौसम आधी धूप, आधी बदली वाला सा तुरंत उतारी अच्छी सी फोटो मौसम आधी धूप, आधी बदली वाला सा तुरंत उतारी अच्छी सी फोटो
पैसे में है भई ! बड़ी जान गरीबो केलिए यह मज़बूरी , और अमीरों के लिए शान। पैसे में है भई ! बड़ी जान गरीबो केलिए यह मज़बूरी , और अमीरों के लिए शान।
प्रबंध और उसकी इच्छा तो जरूर पूरी करुंगा। प्रबंध और उसकी इच्छा तो जरूर पूरी करुंगा।
कल रात पूजा पंडाल मेंं अजीब बात हो गई। कल रात पूजा पंडाल मेंं अजीब बात हो गई।
बेशक मुझमें बदबू है, पर जो भी अपनाया उसे ये जिस्म भाया है बेशक मुझमें बदबू है, पर जो भी अपनाया उसे ये जिस्म भाया है
जब सच से पाला पड़ता तो घड़ों पानी पड़ता सिर पर फिर आती अक्ल ठिकाने। जब सच से पाला पड़ता तो घड़ों पानी पड़ता सिर पर फिर आती अक्ल ठिकाने।
चलती का नाम गाड़ी बढ़ती का नाम दाढ़ी जो न रखे अनाड़ी चलती का नाम गाड़ी बढ़ती का नाम दाढ़ी जो न रखे अनाड़ी
बिना फोन वाला गांव तो हो सकता है पर बिना फोन के शहर कैसे रह सकता है ? बिना फोन वाला गांव तो हो सकता है पर बिना फोन के शहर कैसे रह सकता है ?
रंग काला हममें जो मिला तो, खुद अपना रंग हम खो देंगे रंग काला हममें जो मिला तो, खुद अपना रंग हम खो देंगे
ट्रेन से टक्कर खाकर सिर मेरा खुल गया छोटा 'दिमाग़' मेरा वहीं, कहीं गिर गया। ट्रेन से टक्कर खाकर सिर मेरा खुल गया छोटा 'दिमाग़' मेरा वहीं, कहीं गिर गया।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में फिर से उन्हें गद्दी पर बैठा दिया उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में फिर से उन्हें गद्दी पर बैठा दिया
प्रभु! क्षमा चाहता हूं आना तो मैं दिन में ही चाहता था, प्रभु! क्षमा चाहता हूं आना तो मैं दिन में ही चाहता था,
हुस्न का दीदार होते ही हमारी कमबख्त आंखें दगा दे जाती हैं. हुस्न का दीदार होते ही हमारी कमबख्त आंखें दगा दे जाती हैं.
रावण की जगह लेने की कोशिश भी न करो, रावण की जगह लेने की कोशिश भी न करो,
अणु परमाणु के विस्फोट से स्वयं मानव अस्तित्व भी खतरे में पड़ा अणु परमाणु के विस्फोट से स्वयं मानव अस्तित्व भी खतरे में पड़ा
खुद तो गुमराह है ही जनता को भी गुमराह कर रहा है खुद तो गुमराह है ही जनता को भी गुमराह कर रहा है
बड़ी चम्मचें छोटे कौर, याद किये और मुस्काया। बड़ी चम्मचें छोटे कौर, याद किये और मुस्काया।