Rajeev Bagra
Abstract Fantasy Others
रानी
हैरानी
की जड़!
सर
की
पूजा का
असर!
बून्द, बून्द
से बिंदु
बनी!
रेखा का
बिंदु से
रेखा
तक का सफर!
न्यू ऐज बिज़नस
बॉलीवुड की रा...
टाई विथ सर
सफर
दीवार
जीवन तेरा भरा है मैंने फिर बेटा मेरा जीवन खाली क्यों। जीवन तेरा भरा है मैंने फिर बेटा मेरा जीवन खाली क्यों।
दुल्हन बनी है गुड़िया, गुडडा बना सरताज। दुल्हन बनी है गुड़िया, गुडडा बना सरताज।
तुम्हें दु:खों की कड़ी धूप में तपना होगा तुम्हें दु:खों की कड़ी धूप में तपना होगा
अब खेल खेल हे धर्मराज खेल तू जुआ हर युग मे खेलेगा एक धर्मराज फिर जुआ। अब खेल खेल हे धर्मराज खेल तू जुआ हर युग मे खेलेगा एक धर्मराज फिर जुआ।
खुशियां सदा मिलती हैं उन्हें, जिनको खुशी सबकी प्यारी है। खुशियां सदा मिलती हैं उन्हें, जिनको खुशी सबकी प्यारी है।
बुझ नहीं सकते जो बुझाना चाहे, पाप के अंगारों को। बुझ नहीं सकते जो बुझाना चाहे, पाप के अंगारों को।
तुम करो वो, जो तुम्हें देता है खुशी, मुझे जो हो पसंद, करूं मैं भी वहीं, तुम करो वो, जो तुम्हें देता है खुशी, मुझे जो हो पसंद, करूं मैं भी वहीं,
जन्मों-जन्मों के जीवन मरण की अमृत कथा सुनाते हैं। जन्मों-जन्मों के जीवन मरण की अमृत कथा सुनाते हैं।
तुम दर्प भरे, तुम अहम भरे, कदमों ने तेरे, कई जीव हरे। तुम दर्प भरे, तुम अहम भरे, कदमों ने तेरे, कई जीव हरे।
दिल चाहे वो कर लो घर में मिलकर कोरोना को भगाया जाए। दिल चाहे वो कर लो घर में मिलकर कोरोना को भगाया जाए।
मैं किताबों के पन्नों में हूँ और टूटी पेंसिलों में, उन पत्तियों में हूँ और अदृश्य शब्द मैं किताबों के पन्नों में हूँ और टूटी पेंसिलों में, उन पत्तियों में हूँ और अद...
जिसका कोई रूप नहीं मैं उसको शीश झुकाता हूं। जिसका कोई रूप नहीं मैं उसको शीश झुकाता हूं।
माँ बाबा मैं आपके सपने उन जन्म पूरे कर जाऊंगा। माँ बाबा मैं आपके सपने उन जन्म पूरे कर जाऊंगा।
होता है रीतापन सूखी रेत में और नम रहती है गीली रेत सदा। होता है रीतापन सूखी रेत में और नम रहती है गीली रेत सदा।
सूखती नदियाँ, बढ़ते मरुस्थल सूखती नदियाँ, बढ़ते मरुस्थल
शत शत नमन श्री तुलसीदास को रामचरितमानस के रचियता। शत शत नमन श्री तुलसीदास को रामचरितमानस के रचियता।
हर बुराई को कह दो अलविदा, बस वतन पे जां निसार करके जाओ। हर बुराई को कह दो अलविदा, बस वतन पे जां निसार करके जाओ।
न्याय की उम्मीद में कितने लोग बैठे होंगे। न्याय की उम्मीद में कितने लोग बैठे होंगे।
कभी माँ की हाथों से खाने वाले आज उनको देखने को तरस जाते हैं। कभी माँ की हाथों से खाने वाले आज उनको देखने को तरस जाते हैं।
भारत वर्तमान भविष्य का शानदार करेगा निर्माण। भारत वर्तमान भविष्य का शानदार करेगा निर्माण।