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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

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नकाब के भीतर का चेहरा

नकाब के भीतर का चेहरा

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लबादा

ओढ़े

रिश्ता 

खतरनाक

होता है

बहुत हीं

खतरनाक

वहीं रिश्ता

सम्बध के

आड़ में

बिस्वास को

विश्वसघात

में बदल देता है

धोखा देकर

भी

हंसता है

पीठ पीछे भी

छुरा लिए

खड़ा

रहता है

वैसे रिश्ते

पहचान में नहीं

आते

अपनो पर

जब प्रबल

बिस्वास

हो तो

नकाब

हटने के

बाद हीं

पता चल

पाता है

लेकिन

यह भी

सच है

नकाब

चेहरे

से हटेगा

आज

नहीं तो

कल

असल

चेहरा

दीखेगा

लेकिन

तबतक

देर ना

हो जाए.


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