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Nitu Mathur

Inspirational

4  

Nitu Mathur

Inspirational

नई उड़ान

नई उड़ान

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खामोशी को चीर कर नई आवाज बनाऊंगा

नीले आसमा में अपने लिए...

गुलाबी आसमा बनाऊंगा

मैं नई उड़ान भर जाऊंगा.. हां भर जाऊंगा,


ठहरे हुए थे रास्ते अब वो चलने लगे

प्रवाह से कदम अंगार उबलने लगे

हर दिशा में पारुल ध्वनि बजने लगे 

रोम रोम में झंकार जैसे थिरकने लगे,


जिंदगी की बची किश्तें अब चुकाऊंगा

जो किया था वादा खुद से वो निभाउंगा

हर क़दम पे निशां जूनूं के छोड़ जाऊंगा

होसले बुलंद मेरे तो ना रुकूंगा ना झुकूंगा,


किस्मत की लकीरें कितनी ही गहरी हो

खून पसीने से नया भाग्य वृक्ष बनाऊंगा

जोश से हरी भरी लहराए शाखा जिसकी

पक्की जड़ों से आशा के फ़ूल खिलाऊंगा,


हर ठहराव आगे चलने की हिम्मत देता है

सूखा कंठ भी नदी नीर बूंद से तृप्त होता है

मैं सोज और साज से सुर ताल मिलाऊंगा

सुर संगम से सरस सुरीली सरगम बनाऊंगा,


मैं नई उड़ान भर जाऊंगा... हां भर जाऊंगा।


            


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