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Saira devi Singhi

Inspirational

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Saira devi Singhi

Inspirational

नारी तू अपराजिता है

नारी तू अपराजिता है

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नारी तू अपराजिता है

   तू रामायण की सीता,

तू महाभारत की गीता

  तुम राष्ट्र की अस्मिता है।


नारी तू अभिमान है

  मानवता का मान है,

दुर्गा काली व रणचंडी

   अनेकों तेरे नाम है।


नारी शक्ति से ही

   देश महा मंडित है,

वैदिक युग से यही

  परंपरा रही अखंडित ।


नारी में जन्मे राम कृष्ण

  अर्जुन प्रताप युग बंदित,

बाल्मीकि तुलसी से कबीर

  और गुरु गोविंद से पंडित।


यह नारी है तीर्थराज

   शक्ति का पावन संगम,

मां के स्वरूप में नारी

  है सबसे बड़ा विशेषण।


जान नारी की महिमा को

   वेद व्यास सभी ही गाते,

नारी ममतामई है केवल 

 असीम वात्सल्यता के नाते।।


रहस्य अबला का तुम

   जिस दिन जान लोगे,

नारी अपराजिता ही है

   सच्चाई यह मान लोगे।।



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