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Vishakha Gavhande

Abstract

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Vishakha Gavhande

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नारि शक्ति आ वो रे

नारि शक्ति आ वो रे

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नारी शक्ति आवो रे

हाथ में हाथ मिलावो रे

चलो कदम बढावो रे

अबलाको सबला बनावो रे।


ये वतन की दिव्य शक्ति

इस यमन कि नारी शक्ति

एक साथ बड चलो

मुश्किलों से लड़ चलो

चलो कदम बढ़ावो रे

अबला को सबला बनावो रे।

    

धर्म कि दुहाइयाँ

प्रान्त कि जुदाइयाँ

भाषा कि लडाई या

अबला की किलकारी या

 काट दो तूम माात दो

चलो कदम बढावो रे

अबलाको सबला बनावो रे।

     

 नारी तू म दुर्गा कि ढाल हो

 एक निशा उठावो रे

 सद्धगुनों कि तुम हो शान

 तुमसे ही जगत निहाल

 शान्ति के लिये ज हाको

 तूम जगावो रे

 च लो कदम बढावो रे।


अबलाको सबला बनावो रे

लोग तुम्हे नि हारेेंगे

लोग तू म्हे डरायेग

तुम हो एक नारी शक्ति

तुम में ही है दिव्य शक्ति


तुमसे घर का स्वाभिमान

तुम हो देश कि शान

तुम वतन के गित गावो

लोगो के सीर झुकावो

च लों कदम बढावो रे

अबला को सबला बनावो रे।

 

ना री शक्ति आवो रे

हाथ में हाथ मिला वो रे

चलो कदम बढावो रे 

अबला को सबला बनावो रे।


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