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Gaurav garg

Abstract

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Gaurav garg

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मुरली मनोहर

मुरली मनोहर

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मैं मोहित मुरली मनोहर, मोहित माखन चोर।

मनुहार में मोह मांहि, मोह में मैं मुँह जोर।।

मोह-माया मन माचे, मोहन मीत म्हारे।

मुरली मोर मुकुट में मोहन, मिथ्या मंज़र मारे।।



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