Rajat Patel
Comedy
तेरी मोहब्बत को भी कोराना हो गया लगता है,
कम नहीं दिन ओ दिन बढ़ती ही जा रही है।
मोहब्बत और जि...
तुझे बना कर औ...
कैसे प्रेम प्...
हमारी वजह से ...
एक ही ख्वाहिश
ख्वाबों में त...
इश्क़ और मौत
इश्क़ का खेल
गोबर से बनते इसके, रबड़ी , बर्फी , कलाकंद, खाने में जिनको ,आता आनंद। गोबर से बनते इसके, रबड़ी , बर्फी , कलाकंद, खाने में जिनको ,आता आनंद।
खींची है तेरी चोटी, आज भी कह कर चिढ़ता हूँ मैं तुझको मोटी खींची है तेरी चोटी, आज भी कह कर चिढ़ता हूँ मैं तुझको मोटी
यह पर्यटन का मुल्क है, रेलें भी खूब हैं। बिना टिकट पकड़े गए तो, रोटी कपड़ा नि:शुल्क है यह पर्यटन का मुल्क है, रेलें भी खूब हैं। बिना टिकट पकड़े गए तो, रोटी कपड़ा...
महंगा खाना खाते थे, और महंगी गाड़ी में जाते थे, हम तो अपने घर में भी, इज्जत कुत्ते सी महंगा खाना खाते थे, और महंगी गाड़ी में जाते थे, हम तो अपने घर में भी, इज्जत क...
झट से दौड़ता-भागता आया अपने घर भी आ गया है करोना। झट से दौड़ता-भागता आया अपने घर भी आ गया है करोना।
पालकर एक अबोध बालक की तरह ज़्यादा बीत गयी है बची बीत जाये किसी तरह। पालकर एक अबोध बालक की तरह ज़्यादा बीत गयी है बची बीत जाये किसी तरह।
अभी तो रंगीन उम्र की फिजा है कल की बात, डोली से हुई विदा है अभी तो रंगीन उम्र की फिजा है कल की बात, डोली से हुई विदा है
लगा के सोए हुए हैं मच्छरदानी ! लगा के सोए हुए हैं मच्छरदानी !
आपणे दसानन् में दीखे, जीने एक देवदास, आपणे दसानन् में दीखे, जीने एक देवदास,
तुम कहो तो चाँद के चक्कर हम लगा लें साथ में दो चार तारे तोड़ लाए। तुम कहो तो चाँद के चक्कर हम लगा लें साथ में दो चार तारे तोड़ लाए।
थैंक्यू पापा, कितने अच्छे हो, प्यारे सबसे, सबसे सच्चे हो। थैंक्यू पापा, कितने अच्छे हो, प्यारे सबसे, सबसे सच्चे हो।
जिससे कुछ पल हम सब हँस सके, और ज़िंदगी की सच्चाई भूल सके। जिससे कुछ पल हम सब हँस सके, और ज़िंदगी की सच्चाई भूल सके।
कैसे चलाएं घर को ऑनलाइन टिप्स बता रही हैं कैसे चलाएं घर को ऑनलाइन टिप्स बता रही हैं
अदृश्य दरवाज़ों,खिड़कियों से दाख़िल हो जाता घरों में एक डर , रूप बदल बदल कर। अदृश्य दरवाज़ों,खिड़कियों से दाख़िल हो जाता घरों में एक डर , रूप बदल बदल कर।
क्या ज़ोरदार पटाखा, पाये हो। कहाँ से ढूँढ लाये हो क्या ज़ोरदार पटाखा, पाये हो। कहाँ से ढूँढ लाये हो
बकरी जाने घास पात ना जाने जाति विशेष। बकरी जाने घास पात ना जाने जाति विशेष।
एक दिन जब दादा खाना खाते , किस्से अपने खूब बताते। एक दिन जब दादा खाना खाते , किस्से अपने खूब बताते।
पंडित जी ने कुंडली मिलाई और यह बात बताई 36 के 36 गुण मिल रहे हैं! पंडित जी ने कुंडली मिलाई और यह बात बताई 36 के 36 गुण मिल रहे हैं!
पढ़ने वाला मानता रहे इसे साहित्य भरपूर होता भले इसमें असत्य पढ़ने वाला मानता रहे इसे साहित्य भरपूर होता भले इसमें असत्य
अजीब है हरकत इसकी देख देख यूँ मन हर्षाता अजीब है हरकत इसकी देख देख यूँ मन हर्षाता