मन के करीब आए कई
मन के करीब आए कई
मन के करीब आए कई भाया न एक।
हो जाते जिसके हम नजर आया न एक।।
गहराई क्या जाने जो डूबा न हो।
दरिया प्यास न जाने जो सूखा न हो।।
बादल कितनी बार छाए बरसा न एक।
हो जाते जिसके हम नजर आया न एक।।
धूप न जिसने देखी जाने क्या जलन।
बूटा न छोड़े पंछी देखे क्या गगन।।
देख तनहाइयां पास आया न एक।
हो जाते जिसके हम नजर आया न एक।।
वो राह क्या दिखाए जो चला ही न हो।
वो थकन क्या जाने जो थका ही न हो।।
आए दिल में रहने कई ठहरा न एक।
हो जाते जिसके हम नजर आया न एक।।
मन के करीब आए कई भाया न एक।
