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Ranjeet Singh

Abstract

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Ranjeet Singh

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मेरी किताब

मेरी किताब

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मेरे प्रश्नों के उत्तर इसके पास,

हल करती तुरंत बार-बार।


हर एक पन्ने का नया अंदाज़,

मजबूर करता मुझे समझने को बार-बार।।


नया रंग नया ढंग,

मिलेगा भला ऐसा किस के पास।


मेरी किताब एक अनोठी किताब,

रहना चाहती हरदम मेरे पास।।


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