Vimal Sonare
Abstract
मेरे दैवत
हैं तू कन्हैया
धैर्यवान है
मेरे सैय्या
मेरा ही हीरो
चतुर ग्यानी
महाज्ञानी है
वें गुरुज्ञानी
नैकी के राह
पर चलते
वें सत्यकेच
साथ रहते
पति है वीर
है अभिनेता
विन नरसी
मन रमता।
कथा
एलियन
विनचा नरसी
ये इंसानों की कैसी जुस्तजू है एक पत्थर को पूजा जाता । ये इंसानों की कैसी जुस्तजू है एक पत्थर को पूजा जाता ।
जब न होगा कोई सिगरेट का धुंआ, तब साकार होगी अपनों की दुआ। जब न होगा कोई सिगरेट का धुंआ, तब साकार होगी अपनों की दुआ।
रूठ कर तुम चली न जाना गिले शिकवे हों कोई तो बैठ सुलझाना । रूठ कर तुम चली न जाना गिले शिकवे हों कोई तो बैठ सुलझाना ।
यह माध्यम उस स्वाधीन देश का जिसका ध्वज तिरंगा है। यह माध्यम उस स्वाधीन देश का जिसका ध्वज तिरंगा है।
वक्त है संभल जाओ वरना तेरा परिवार बिखर जाएगा ! वक्त है संभल जाओ वरना तेरा परिवार बिखर जाएगा !
इसके पहले कि तुम भटकते मेरा तुम्हें टोकना ही ठीक था। इसके पहले कि तुम भटकते मेरा तुम्हें टोकना ही ठीक था।
भले ही आँख मेरी नम नहीं है मेरे गीतों में पर सरगम नहीं है । भले ही आँख मेरी नम नहीं है मेरे गीतों में पर सरगम नहीं है ।
फिर प्यार से हाथ फेरकर आंचल में अपनी छुपाया था। फिर प्यार से हाथ फेरकर आंचल में अपनी छुपाया था।
आशाओं से फिर चमकेगा,बनकर चंद्रहास... आशाऍं बन दीप जलेंगी.... आशाओं से फिर चमकेगा,बनकर चंद्रहास... आशाऍं बन दीप जलेंगी....
भावनाएं और उसकी बारिश की लीला है ही बड़ी अजीब सी। भावनाएं और उसकी बारिश की लीला है ही बड़ी अजीब सी।
तुम होती साथ तो यूँ होता, मैं हर पल खुशियों में पिरोता। तुम होती साथ तो यूँ होता, मैं हर पल खुशियों में पिरोता।
होठों पर सदा मुस्कान हो जीवन में खुशियाँ मिले अपार। होठों पर सदा मुस्कान हो जीवन में खुशियाँ मिले अपार।
एक बार फिर जीने का हौसला करे, आज सभी एक नई शुरुआत करें। एक बार फिर जीने का हौसला करे, आज सभी एक नई शुरुआत करें।
ज़िंदगी ग़म छुपाने लगी है । ख़ून भीतर बहाने लगी है ।। ज़िंदगी ग़म छुपाने लगी है । ख़ून भीतर बहाने लगी है ।।
ये हाल उस दिन का था बस गए थे बस आवेदन को जब। ये हाल उस दिन का था बस गए थे बस आवेदन को जब।
जितनी गाएं महिमा तुम्हारी कम है हे श्वेतवस्त्र धारी तुम धन्य हो ! जितनी गाएं महिमा तुम्हारी कम है हे श्वेतवस्त्र धारी तुम धन्य हो !
संस्कार साठी माय बाप को सम्मान जरूरी से। संस्कार साठी माय बाप को सम्मान जरूरी से।
सिगरेट के धुंए की तरह इक दिन तुम भी धुंआ बन उड़ जाओगे। सिगरेट के धुंए की तरह इक दिन तुम भी धुंआ बन उड़ जाओगे।
माँ हमारे लिए एक बड़ा वृक्ष, जिसके शरण में लेती हूँ अमृत सकून। माँ हमारे लिए एक बड़ा वृक्ष, जिसके शरण में लेती हूँ अमृत सकून।
तब कहीं खिलेगा धरा पर अर्द्धस्वरूप का आकार। तब कहीं खिलेगा धरा पर अर्द्धस्वरूप का आकार।