मेरा प्यारा भारत
मेरा प्यारा भारत
जन्मे थे जहाँ कृष्ण और राम, ऐसी मातृभूमि को मेरा प्रणाम,
वीर शिवाजी की गाथाएँ गाए जहाँ,ऐसे भारत देश को मेरा भी सलाम।
जन्मी थी जिस धरती पर लक्ष्मी बाई,वह जन्मभूमि ही तो स्वर्ग कहलाई,
अपने युद्ध कौशल से ही तो उसने,भारत के हर शत्रु को धूल थी चटाई।
जन्मे इस कर्मभूमि पर भगतसिंह वीर,खोया नहीं जिसनें मरते दम तक धीर,
हँसते हँसते चूमा था उसने फाँसी का फंदा,है शत- शत नमन तुम्हें, तुम हो सच्चे वीर।
जन्मी थीं यही सुचेता भारत की वीरावती,संग जे बी कृपलानी के वह बनी कर्मवती,
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की स्थापना,भारत छोड़ो आंदोलन में गई जेल ऐसी कर्मवती।
जन्मे मेरे भारत में चंद्रशेखर आजाद,दिया जिसनें भारत को अद्भुत नारा,
दुश्मनों की गोलियों का हम सामना करेंगे,आजाद ही रहे हैं, आजाद ही मरेंगे।
जन्मे ऐसे भी वीर, सुभाष जैसे गंभीर,कहते थे जो हरपल भारत मेरा शरीर,
आजादी दी नहीं जाती, आजादी ली जाती है,'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा' वीर।
जन्मे हैं मेरे भारत में बहु क्रांति वीर,वीरांगनाओं ने भी आजादी की खींची लकीर,
शान से अमृत -महोत्सव मनाता है भारत,करते हैं याद हम उनको बने थे जो कर्मवीर।
