STORYMIRROR

Shalini Pal

Inspirational

2  

Shalini Pal

Inspirational

मैं रुकती नहीं

मैं रुकती नहीं

1 min
142

मैं वो नदी हूँ, जो कभी ठहरती नहीं, 

मैं बहती हूँ खुद में हजारों दर्द लिये, 

फिर भी मैं कहीं बिखरती नहीं। 

मैं वो हवा हूँ जो सबकी सांसों में है, 

पर कभी भी मैं रुकती नहीं,। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational