मुझको तो पहचाने कौन
मुझको तो पहचाने कौन
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दुनिया की इस भीड़ में मुझको तो पहचाने कौन
ना सूरत ना मूरत हैं, सीरत मेरी देखे कौन।
व्यस्त बहुत हैं लोग यहाँ, मतलब के रिश्ते निभाने में,
बिन मतलब के रिश्तों के लिये यहाँ वक़्त निकाले कौन।
