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Shalini Pal

Abstract

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Shalini Pal

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भाग्य

भाग्य

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भाग्य हमें कुछ नहीं दे सकता, 

इसे तो हम खुद पाते हैं।


करते हैं जो कर्म सदा, 

उन्हीं से अपना भाग्य बनाते हैं।


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