STORYMIRROR

Mridula Pandey

Abstract

3  

Mridula Pandey

Abstract

मायने

मायने

1 min
297

किसी से प्यार कर के उसे छोड़ो मत,

दिल है टूट जाएगा फिर जुड़े ना जुड़ेगा।

किसी से वादा कर के तोड़ो मत, 

फिर कहीं वो व्यक्ति

वादा का मतलब ही भूल जाएगा।


दोस्त से सचा कोई और साथी नहीं, 

संभाल के रखना ये ज़िन्दगी भर साथ निभाएगा।

माँ के गोद जैसा दूजा ना मिलेगा,

ये झूला जो हर वक़्त याद आयेगा।


अंदर से परेशान होते हुए भी ला देता चांद सितारे

वैसा एक ही इंसान है जो पिता कह लाएगा।

सपने देखते है डॉक्टर लॉयर बनने के,

क्या वो बिंना गुरु के पूर्ण हो पायेगा।


ज़िन्दगी का सिलसिला बहुत ही अजीब है

घूम फिर के सब ही सामने आएगा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract