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Mridula Pandey

Abstract

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Mridula Pandey

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मेरा साथी

मेरा साथी

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ए मेरे साथी ओ कलम,

तेरे बिना हूं मैं अधूरा ओ मेरे महरम।


तू ना होता तो रह जाता में कोरा,

बन के सफेद रह जाता में अकेला।


जनता हूं मैं ये तो सही,

कि है साथ यार मेरा,

जो रहने ना देता मुझको अकेला।


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