STORYMIRROR

आदित्या राज श्रीवास्तव

Inspirational

3  

आदित्या राज श्रीवास्तव

Inspirational

माँ

माँ

1 min
160

जब तक आपने कुछ लिखा नहीं..

एहसास किसी को दिखा नहीं..!

ये मतलब की दुनिया है साहब..

जो ठोकर खाकर भी सीखा नहीं..!!


एक माँ ही है इस दुनिया में जिसे..

बिना लिखे ही सब कुछ दिखा..!

उसकी ही कोख में इंसान ने तो..

दुनिया में आकर जीना सीखा..!!


उसके ही आशीर्वाद से मैंने..

कलम से गढ़ना सीखा है..!

तभी तो दुनिया वालों ने हमें..

प्रेम से पढ़ना सीखा है..!!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from आदित्या राज श्रीवास्तव

वक़्त

वक़्त

1 min पढ़ें

माँ

माँ

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Inspirational