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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Inspirational

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Inspirational

मृत्यु सबकी होती है

मृत्यु सबकी होती है

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मरता

सब

है

जिंदा

भी

मुर्दा

भी

सजीव

भी

निर्जीव

भी

सबकी

मृत्यु

होती

है

खत्म

हो

जाता

है

सबकुछ

कुछ

भी

नहीं

बचता

शेष

शून्य

भी

नहीं

विकाश

और

विनाश

अनवरत

प्रक्रिया

है

इसमें

हमेशा

हीं

नरंतरता

रहती

है।


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