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Arti Agarwal

Abstract

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Arti Agarwal

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माँ तुझे सलाम

माँ तुझे सलाम

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आई थी जब धरती पर तो , 

सबसे मै अंजान थी। 

बस माँ तेरी मनमोहिनी सूरत, 

से ही तो पहचान थी।

गोद में तेरे लेटी रहती, 

अंगुली तेरी थाम। 

माँ तुझे सलाम, माँ तुझे सलाम।। 

मेरे हँसने पर तु हंसती, 

और तकलीफ में मेरे रोती थी। 

भूलकर अपनी खुशियाँ बस तु, 

मेरी खुशियाँ संजोती थी। 

सारी रात तु मुझे सहलाती, 

कब करती थी तु आराम। 

माँ तुझे सलाम, माँ तुझे सलाम।। 

छोड़कर तूने खुद संवरना, 

मेरा जीवन सँवारा है। 

रोशन मेरी दुनिया करदी, 

माँ तु वो सितारा है। 

गर मै हूँ तेरी जिंदगी, 

तो तू भी है मेरे चारों धाम। 

माँ तुझे सलाम, माँ तुझे सलाम।।


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