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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Inspirational Thriller

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Inspirational Thriller

मां सर्वस्व होती है

मां सर्वस्व होती है

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मां

का

मन

कभी

मैला

नहीं

होता

वो

निश्छल

प्रेम

की

प्रतिमूर्ति

होती

है


मां

खुद

पर

ध्यान

नहीं

देती

लेकिन

अपने

बच्चों

पर

अहरनिश

प्यार

लुटाती

है


खुद

भूखी

रहकर

अपने 

बच्चों

को

खिलाती

हैं 


मां

अपने

बच्चों

को

जबतक

सुलाती

नहीं

खुद

सोती

नहीं

मां

देवीतुल्य

होती

है


मां

सर्वस्व

होती

है

मां

मां

होती

है।


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