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Pushpak Kumar

Abstract Classics

4.5  

Pushpak Kumar

Abstract Classics

माँ सरस्वती

माँ सरस्वती

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हे माँ सरस्वती मुझे आप चाहिए

आपको आपके वास्तविक रूप में।


नृत्य करते आपके बाल, ज्ञान से भरी आपकी आँखे, 

संगीत से भरे आपके कंठ, खेल-कुद करती आपकी उंगलिया 

और विभिन्न कलाओं से बने आपके अंग।


पर आप तो इतनी विशाल हो 

क्या मैं आपके इस विराठ रूप को एक नजर में देख पाऊँगा?


हे माँ आप मेरे पे सिर्फ इतना ही कृपा करना 

आप मुझे अपने उन सभी अंगो का सप्रश करा देना 

जो मेरे लक्ष्य को भेदने के लिए काफी हो 

जिससे सारी बाधाएँ पार हो जाए 

मन कभी विचलित न हो 

पुरा जीवन आनंद से भर जाये।


हे माँ मुझे आप अपने से मिलवा देना।


                                             ~ एक वैरागी 

                                                 आपकी तलाश मे


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