Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

अजय एहसास

Inspirational


3  

अजय एहसास

Inspirational


मालिक एक।

मालिक एक।

1 min 59 1 min 59

कोई गीता समझता है कोई कुरान पढ़ता है

मगर ईश्वर की महिमा को नहीं नादाँ समझता है।

वो तेरे पास ऐसे है, हृदय में श्वास जैसे है

जो उनका बन ही जाता है, ये बस वो ही समझता है।

कोई गीता समझता है कोई कुरान पढ़ता है,

मगर ईश्वर की महिमा को नहीं नादाँ समझता है।


धर्म मज़हब के नामों पर कई आपस में लड़ते है।

कई अल्लाह कहते है, कई भगवान कहते है।

वो मालिक एक है, उसने सभी को एक माना है।

नहीं हिन्दू मुसल्माँ सिक्ख, बस मानव ही जाना है।

कोई गीता समझता है कोई कुरान पढ़ता है,

मगर ईश्वर की महिमा को नहीं नादाँ समझता है।


गुरु नानक कबीर यीशु सभी संदेश देते एक

चमन है एक हम सबका, और मालिक है सबका एक

कई रंगो के फूलों से,चमन वो ही सजाता है।

रहे सब मिल के आपस में यही मालिक बताता है।

कोई गीता समझता है कोई कुरान पढ़ता है

मगर ईश्वर की महिमा को नहीं नादाँ समझता है।।



Rate this content
Log in

More hindi poem from अजय एहसास

Similar hindi poem from Inspirational