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anuradha nazeer

Abstract

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anuradha nazeer

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MAA TUJE SALAAM

MAA TUJE SALAAM

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कोई नहीं हो सके आपको प्रत्यक्ष

खिला सके 

और पिला सके

इस दुनिया में कोई जगह नहीं है

जो आप को शांति दे

जैसे उसकी गोद।

मुझे उम्मीद है कि हर बच्चे को मां मिले

दिल बर प्रेम से

जितनी खूबसूरत लगती है

दिन और रात धूप और बारिश में

भटक कर चल ते रहती है

अपनी आंखों में तलाश बच्चों के लिए

दिल तो धड़कती रहती है।

रंग सपने दिखाते रहती है

मासूम है,बेगुनाह है

आखिर मां  तो हमेशा के लिये मां ही है।



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