STORYMIRROR

Neha Sharma

Inspirational

3  

Neha Sharma

Inspirational

लड़कियाँ आगे बढ़ रही है

लड़कियाँ आगे बढ़ रही है

1 min
359

घर की घर की

चारदीवारी से

बाहर निकल कर

चूल्हे चौके के कार्य को

दरकिनार कर कर

इस दुनिया का

दीदार कर रही है

हां अब लड़कियाँ

आगे बढ़ रही है।


अब जरूरत नहीं

है इनको

किसी के सहारे की

बात- बात पर अपनों के

सामने हाथ फैलाने की

वे तो अपने सपनों की

ऊंची उड़ान भर रही है

हां अब लड़कियाँ

आगे बढ़ रही हैं।


रूढ़ीवादी जालों को

साफ कर- कर

भेदभाव के पद

चिन्हों से

बेअसर होकर

आशाओं की

एक नई

लौ जला रही है

हां अब लड़कियाँ

आगे बढ़ रही है।


पुरुषों के कंधे से कंधा

मिलाकर चल रही है

पिता के बुढ़ापे की

लाठी बन रही है

जीने की एक नई

राह खोज रही है

हां अब लड़कियाँ

आगे बढ़ रही है।


बेखौफ हो सड़कों पर

निकल रही है

गाड़ी की मेन सीट पर

सिर्फ लड़कियाँ

ही दिख रही है

खोलकर पन्ने

ख्वाहिशों के

हवा से बातें कर

रही है

हां अब लड़कियाँ

आगे बढ़ रही है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational