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Neha Sharma

Others

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Neha Sharma

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तुलसी ईश्वर का रूप

तुलसी ईश्वर का रूप

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तुलसी मेरे आंगन की

है ईश्वर का रूप

इसकी पावन पंखुड़िया है।


गौरा के समरूप

प्रांगण की शोभा में

चार चांद लग जाते हैं।


हरित मंजरी से न जाने

अनगिनत रोग कट जाते हैं

प्रातः बेला में दर्शन से

मन हर्षित हो जाता है।


चरणामृत बन कर उतरे गले से

तो जीवन भवसागर तर जाता है।


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