क्यो है तू इतनी सुंदर ?
क्यो है तू इतनी सुंदर ?
ए ज़िन्दगी,
क्यों है तू इतनी सुंदर ?
मैं भी हूँ बावला जो
तुझे ढूंढ़ने आया यहाँ पर।
फूलों से सजे है तुम्हारे ये रास्ते,
फिर तुझे देखकर लोग क्यों नहीं हँसे ?
अजीब है ये लोग,
अजीब इनकी कहानी,
फिर भी ये बड़े हैं कहकर,
मैंने इनकी बात मानी।
