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yasmeen abbasi

Abstract

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yasmeen abbasi

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कुछ पत्तें

कुछ पत्तें

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पेड़ों से बिखरे हुए कुछ पत्ते अच्छे लगते हैं।

निकले तो हरे- हरे थे पीले होकर गिरते हैं।

पैरों के कदम जब पत्तों पर पड़ते हैं

चरमर - चरमर आवाज़ वो करते हैं।

हर पत्ते की अलग पहचान होती है।

हाथों से मसल दो तो पत्तों की सुगंध

हाथों को भी सुगंधित कर जाते हैं।

पेड़ों से बिखरे हुए कुछ पत्ते अच्छे लगते हैं।।


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