STORYMIRROR

Yash Yadav

Abstract

2  

Yash Yadav

Abstract

कुछ अनकही बातें

कुछ अनकही बातें

1 min
429

प्यार सोच के नहीं किया था

बस हो गया था

फ़र्क सिर्फ़ इतना था

तुम्हें समझना नहीं था

और हमें समझाना नहीं था

पर एहसासों को यकीन था

उन लम्हों की गवाही पर 

शायद इसीलिए आज़ भी 

जब कोई दिल पर दस्तक देता है

तो वहां पर तुम्हारा नाम लिखा पाता है


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract