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Rekha Shukla

Abstract

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Rekha Shukla

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कश्मीर

कश्मीर

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एक दफा अपना केहके पुकारो कश्मीर कश्मीर

मौत से पेहले मर गये अरे ओ कश्मीर कश्मीर


हरेक मोड पर फैली आग अरे ओ कश्मीर कश्मीर

अब दुश्मन जरूरत नहीं अरे ओ कश्मीर कश्मीर


दर्द रूकता नहीं एक पल अरे ओ कश्मीर कश्मीर 

लहू खोंफ उठ्ठा है मिजाजी अरे ओ कश्मीर कश्मीर 


फूरसत से उठ्ठेगा जनेजा अब मेरा कश्मीर कश्मीर 

आजकल तौबा तौबा मिजाज मेरा कश्मीर कश्मीर 


अगर तुम कहो तो खुद को भूला दूँ कश्मीर कश्मीर 

तुम्हें भूल जाने की ताकत नहीं हैं कश्मीर कश्मीर।


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