Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Neerja Sharma

Inspirational

5.0  

Neerja Sharma

Inspirational

कर्म

कर्म

1 min
171


कर्म कर फल की इच्छा न रख

है यह गीता का ज्ञान

आम आदमी क्या जाने

जो करे रात दिन काम।


हर काम करे वो फल इच्छा से 

पूर्ण हो तो खुशी का न कोई पारावार

न मिले इच्छानुसार फल,

तो हो दुख होता अपार।


इच्छापूर्ति कर देती है पथ भ्रष्ट 

अंधी दौड़, पाने में जीवन होता नष्ट

नष्ट होते कर्मों का हिसाब न जाने 

बस पैसा कमाना अपना ध्येय माने।


होश तब आता है जब सब लुट जाता  

कर्मों का हिसाब कोई पैसा न दे पाता।

सब कुछ लूटा कर होश में आए तो क्या हुआ

सिर पीट पछताए तो भी न कुछ हुआ ।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational