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ARVIND

Inspirational

4  

ARVIND

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"कर्म और ज्ञान"

"कर्म और ज्ञान"

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पाखी उड़े अकास में, 

देहि भेद बतलाय 

कर्म, ज्ञान के पंख द्वि,

साधु मुक्त कराए, 


साधु मुक्त कराए,

सुख दुख एक समाना,

ये सब ज्ञानन को ज्ञान,

पीर,फकीरहु माना।


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