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ARVIND

Others

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मेरा जीवन : खुली किताब

मेरा जीवन : खुली किताब

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खुली किताब सा जीवन मेरा,

पन्ने इसके अंतर्मन,

जिन पर लिख दी गई कहानी,

अनुबंधों का "गठबंधन"


अनुभवहीन सा प्रकरण मेरा,

रीते अनुच्छेद अद्यतन

सूने शब्द,वाक्य बिन वाणी,

ये किताब का "प्राक्कथन"


अब क्या किताब,क्या जीवन मेरा,

क्या कलरव,क्या क्रंदन,

हुई ये किताब पुरानी,

व्यर्थ हुआ ये "अभिव्यंजन"।।


फिर भी,


प्रतिपल जी लो,दर्शन मेरा,

हर क्षण का अभिनंदन,

प्रसन्नचित हो हर शाम सुहानी,

ये उपसंहार का अभिमंत्रण।।


        


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