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Prakash ranjan Swain

Abstract Tragedy

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Prakash ranjan Swain

Abstract Tragedy

कॉलेज का आखिरी दिन

कॉलेज का आखिरी दिन

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आज कॉलेज का आखिरी दिन है

कल से ओर एक लाइफ खतम हो जाएगा।

कल से कालेज की ,हाषटेल कि बीती यादें

याद बन कर याद आऐंगें।।


दोस्ती तो जींदगी भर के लीए है

मगर दोस्त भी तो यादें बन जायेगें।

सबके साथ। बीता लंबहा

आंखो को नमी से भरदेगी।


ज दिल शे उतर कर यादें

आंखो मैं शपना बन जाएगी।

अएशा नही है की खाना नही खाएगें।

मगर हाषटेल की ओ केनटीन की 

बात अब कभी ना भुल पाऐंगें।


लाखों झगडे थी हमारे बीच 

मगर प्यार कभी कम ना हुआ।

दीमाग शे उतरे सारे 

मगर दिल से कोइ दूर नहीं।

याद रहेगा हमेशा 

ऐ कॉलेज का आखिरी दिन।


दिन भी न लगेगा दिन जैसा

तुम सारे दोस्तों के बिना।।


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