हकीकत
हकीकत
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कभी तुम ख्वाबों के शहर से
बाहर आकर देखो
की हकीकत की दुनिया क्या है
यहाँ लोगों के दिल में राज छुपा होता है
और चेहरे पे कहीं सारे रंग होते है
यूं तो गलती होती है इनसान से
मगर हर इनसान गलत नहीं होता
यार कभी कभी ना भरोसा ही रिश्ता खतम कर देता है
हर बार धोका जिम्मेदार नहीं होता ।।
