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anuradha nazeer

Abstract

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anuradha nazeer

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किसी को

किसी को

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कुछ लोग हमेशा हंसते रहते हैं।

कुछ लोग हमेशा हंसाते रहते हैं।


लेकिन क्यों हंसते! क्यों हंसाते।

कोई नहीं जानते।

सिर्फ मां जानती।


इन सब की गवाही है।

क्योंकि कल जो जिएंगे हम नहीं जानते।

वह उम्मीद होगी न किसी को!


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