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Shaheen Iqbal

Classics Inspirational

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Shaheen Iqbal

Classics Inspirational

ख्वाहिश ज़िन्दगी की

ख्वाहिश ज़िन्दगी की

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कुछ ग़लती हमने की 

कुछ ग़लती ज़माने ने की 

ज़िन्दगी ने फिर भी हमारी सिफारिश की।


गुज़रा वक़्त हमारा नहीं 

आने वाले कल की खबर नहीं 

लेकिन आज जीने की हमने गुज़ारिश की। 


कोरे पन्नों को सिर्फ भरना नहीं 

दो कदम चल कर रुकना नहीं

फिर से मंज़िल पाने की हमने ख्वाहिश की।


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