STORYMIRROR

Neha Ranalkar(Nawate)

Abstract

4  

Neha Ranalkar(Nawate)

Abstract

खुशियों की सौगात ,नारीशक्ती।

खुशियों की सौगात ,नारीशक्ती।

1 min
660

नारी जन्म देती नर को

नारी नर का दाया हाथ।

सम्मान दो हर नारी को

रहो नारीशक्ती के साथ।


नारी घर की फुलवारी

मत आंक उसकी औकात।

नारी से रोशन है दुनिया

नारी खुशियों की सौगात।


नारी है श्रद्धा एवं विश्वास

मत कभी प्रताडन करना।

घर को स्वर्ग ये बनानेवाली

नरक जीना कर देगी वरना।


नारी ममता है सच्ची मूरत

मा,बहन,नानी का है रुप।

ठेस पहुँचा दे अगर इसको

छाया भी बना देगी ये धूप।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract