खुशियो की राहा
खुशियो की राहा
गम छोड़ के जा तू
खुशियों की राह दिखा तू
खुशियाँ थामे हैं हाथ मेरा
गम पिछे पड़ा क्यों साथ मेरा
जीवन मे खुशियाँ आने दे
तिमिर जरा छट जाने दे
बन भोर किरण सुबहा आऐ
गम पानी सा यूँ बह जाऐ
गम सूखी पत्तियाँ पेड़ों की
झोंके से वो गिर जाती हैं
जीवन है पत्तों सा मेरा
फिर नई पत्तियाँ आने दे
राहा देखती है खुशियाँ
इस गम को किनारे लगाने दे
इस दिल के छोटे कोने मे
खुशियों की जगह बनाने दे
गम छोड़ के जल्दी जा तू
खुशियों को दिल मे आने दे।
