STORYMIRROR

Devkaran Gandas

Abstract

2  

Devkaran Gandas

Abstract

ख़ुशी और गम

ख़ुशी और गम

1 min
166

ऐ खुशी , तू यूँ ना इतरा 

ये खुशियाँ जो तू देख रही है 

वो तुझसे नहीं है ,

ये खुशियाँ है 

उन गमों की बदौलत

जो कुछ ही समय में

सीखा गए हैं

छोटी खुशियों की अहमियत

गर ना आते ये गम

मैं जान ही नहीं पाता 

इन खुशियों की अहमियत

और छोड़ देता उन

छोटी छोटी खुशियों को

जिन्हें अब मैं मनाता हूं

खुश होकर ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract