खामोश मोहब्बत
खामोश मोहब्बत
वो कहते है ना दिए को संभाल कर रखो,
वरना तूफानी रात में दिए भी बुझ जाते है...
ये कच्चे धागे के रिश्तों को संजोकर रखा करो,
हल्का सा जोर देने पर ये भी टूट जाते है....
लोग तो वादे करने के बाद तोड़ जाते है,
मैंने एक बेवफा से वफ़ा कि उम्मीद कर
वादे के साथ अपना दिल भी तुड़वा लिया...||
