मेरी अनकही मोहब्बत 💔💔
मेरी अनकही मोहब्बत 💔💔
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वो कहती है मुझसे,
उसके किससे कहानियों में जिक्र तुम्हारा होता है
मोहब्बत मैं हूँ उसकी,
लेकिन ख्यालों में याद तुम्हारा होता है
क्यों होता है ऐसा,
पहली मोहब्बत छोड़ जाने के बाद भी वो भुलाई नहीं भूलती...
दूसरी मोहब्बत सच्ची होने के बाद भी पहली नहीं कहलाती,
क्या कभी ऐसा नहीं हो सकता,
तुम्हारी यादों को भुला वो मुझे अपनी यादों में नहीं बसा सकता....
बेशक तू दिल है उसकी तो मैं भी धड़कन हूँ उसकी,
धड़कन के बिना दिल अधूरा है,
तो मेरे बिना वो पूरा कैसे
खुदा से एक ही इनायत है
अगले जन्म मुझे उसकी दूसरी नहीं पहली मोहब्बत बनाये
क्योंकि मुझे उसका इश्क़ पूरा चाहिए अधूरा नहीं...
