STORYMIRROR

RITUGOPAL SHARMA

Inspirational

4  

RITUGOPAL SHARMA

Inspirational

खाली आंगन

खाली आंगन

1 min
206

कुछ दरवाज़े 

जब बंद होते हैं

तो दीवारों में बदल जाते हैं

कभी नहीं खुलती दीवारें

लेकिन लग जाते हैं दीवारों के कान

सुनने को आहट 

पदचाप

कि कोई आए और खटखटाए

लेकिन

दरवाजों के दीवार बनने के बाद

बाहर की कुंडी

और अंदर की चिटकनी भी नहीं रहती

दिलों के दरवाज़े फिर कभी नहीं खुलते

बना लिए जाएं बेशक 

ऊँचाई पर कुछ रोशनदान

आंगन खाली ही रहते हैं।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational