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Sayra Khan

Romance

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Sayra Khan

Romance

कभी फूल बन कर

कभी फूल बन कर

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कभी फूल बन कर कभी याद बन कर

मेरी ज़िन्दगी को तुम महका जाते हो।


कितनी यादें समेटूँ में तुम्हारी जब भी आते हो

मेरी ज़िन्दगी में हलचल मचा जाते हो !


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