"कागज़ी"
"कागज़ी"
कागज़ी हैं सब यहाँ........!
कागज़ी लोग,कागज़ी रिश्ते
कागज़ी कश्ती में होके सवार
कागज़ी सफर पे चले पड़े सब
कागज़ी समंदर की कागज़ी लहरों में
हिचकोले खाते कागज़ी मुकाम पे
गर बह गये तो कागज़ी सपने
पा गये तो कागज़ी फ़तह....!
कागज़ी होकर ना ख़ाब सा उड़ पाऊँगा
"अदम"कागज़ होकर मैं
कतरा कतरा बिखर जाऊँगा
पर कागज़ी ना हो पाऊँगा..
मैं कागज़ी ना हो पाऊँगा।।
