STORYMIRROR

Amaan Iqbal

Inspirational

5.0  

Amaan Iqbal

Inspirational

जंग

जंग

1 min
13.6K


जंगी हथियारों पे ज़ंग जमने दो,

सिलसिला ख़ौफ़ का ये थमने दो।

 

लहू की हिफाज़त में लहू बहता है,

सिपाहियों को भी इश्क़ करने दो।

 

'अमन' की ख़ातिर वो जंग करते हैं,

अरे इस लतीफ़े पे मुझको हँसने दो।

 

मैं तोप की नालों में ग़ज़ल भर दूंगा,

उनकी फ़ौजों को इसे पढ़ने दो।

 

सरहद के आर पार एक सी शक्लें।

बारूद के ढेर पे आईना भी रख दो।। 

 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Amaan Iqbal

जंग

जंग

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Inspirational