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Neel Patel

Abstract


4.9  

Neel Patel

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जिंदगी

जिंदगी

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थम जा एक पल के लिए तू जिंदगी

कोई ना जान कर भी जान लेता है सबकुछ, ऐसी है तू जिंदगी

जरा ठहर तो जा एक हसीन पल के लिए तू जिंदगी 

समझने लगता हूँ तो रूख बदल देती है तू जिंदगी

कभी गम, तो कभी खुशी है तू जिंदगी 

किसी के लिए उलझी हुई पहेली है तू जिंदगी 

कभी आश तो कभी निराश है तू जिंदगी 

किसीकी तो एक खूबसूरत सहेली है तू जिंदगी 

जरा ठहर जाना हसीन लम्हाे के लिए, उठ जिंदगी 

कभी उगता सूरज, तो कभी अंधेरी निशा है तू जिंदगी 

ईश्वर का दिया, माँ से मिला अनमोल उपहार है तू जिंदगी

कभी सुलगती धूप, कभी ठंडी लहर है तू जिंदगी 

कभी कांटों सी तू, कभी फूलों का उपवन है तू जिंदगी 

हर रोज नये-नये सबक देती रे तू जिंदगी 

यथार्थों का अनुभव कराने वाली ऐसी कड़ी है तू जिंदगी 

किसी के लिए बोझ तो किसीका होश है तू जिंदगी

सपनो के समंदर में डुबकी लगवाने वाली भी तू जिंदगी 

जो समय के साथ बदलती रहे, वो संस्कृति है तू जिंदगी

खट्टी-मीठी यादों की स्मृति है तू जिंदगी 

बस कुछ पल की है,पल में बित जाये ऐसी तू जिंदगी


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