STORYMIRROR

चेतना प्रकाश चितेरी , प्रयागराज

Inspirational

4  

चेतना प्रकाश चितेरी , प्रयागराज

Inspirational

जीवन मेरा वसन्त

जीवन मेरा वसन्त

1 min
262


जीवन मेरा वसन्त

मस्त रहती हूंँ अपनी दुनिया में, 

हंसती हूंँ हसाती हूंँ औरों को गले लगाती हूंँ

जीवन मेरा वसन्त।


कोयल की कूक, पपीहे की पीहू , 

गीत गाती गुनगुनाती हूँ, 

जीवन मेरा वसन्त।


भेदभाव दूर करती हूंँ, 

प्रेम की मादकता लिए साथ चलती हूंँ

गुंजायमान करती हूंँ, 

जन जीवन में चेतना का संचार करती हूंँ , 

जीवन मेरा वसन्त।


नवकोंपलों को प्रेरणा देती हूंँ, 

सिखती हूंँ सिखाती हूंँ, 

औरों के जीवन में वसन्त आ जाए , 

अथक प्रयास करती हूंँ, 

जीवन मेरा वसन्त।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational